पसीना से होगा डायबिटीज का टेस्ट

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– मोबाइल बताएगा शुगर लेवल

पसीना बताएगा आप डायबिटीज रोगी होंगे या नहीं.. इसके लिए एक यंत्र बनाया गया है। यह यंत्र डायबिटीज पर भी नजर रखेगा। खास बात यह है कि इस यंत्र को बनाने वाले अमेरिका के वैज्ञानिक भारतीय मूल के हैं।
यह यंत्र दरअसल एक बायोसेंसर है, जो मरीज के पसीने में मधुमेह से जुड़े तीन यौगिकों की पहचान करने में सक्षम है। ये यौगिक हैं, कोर्टिसोल, ग्लूकोज और इंटरलेउकिन-6। यह यंत्र पसीने में इन यौगिकों की सूक्ष्म से सूक्ष्म मात्रा की पहचान कर लेता है। ये यौगिक एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और अपनी अखंडता खोए बगैर पसीने में बने रहते हैं। यंत्र से जांच के लिए सूई का दर्द भी नहीं सहना पड़ेगा। फिलहाल डायबिटीज के मरीजों को रक्त में शुगर की जांच के लिए उंगली में सुई चुभो कर रक्त निकालना पड़ता है, जो एक कष्टदायक प्रक्रिया है।
अमेरिका स्थित डलास की टेक्सास यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शालिनी प्रसाद ने कहा, टाइप2 मधुमेह बड़ी तादाद में लोगों को प्रभावित करता है। अगर इस बीमारी का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जाए और अनुशासित रहा जाए तो इससे होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा, पसीने में पाए जाने तीनों संकेतक यह प्रबंधन और अनुशासन कायम करने में टेक के समान भूमिका निभा सकते हैं। यह पहला पहनने वाला यंत्र है।
तनाव से बढ़ता है कोर्टिसोल
जब कोई व्यक्ति गंभीर तनाव में होता है तब उसमें कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति में उसके शरीर की इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता ग्लूकोज के स्तर को सामान्य से अधिक कर देती है। इससे मधुमेह होने की आशंका बढ़ जाती है। इस स्थिति में पहुंचे व्यक्ति को टाइप2 मधुमेह हो सकता है। ऐसा होने पर शरीर में सूजन और प्रदाह शुरू हो जाता है। इंटरलेउकिन-6 इसी स्थिति का संकेतक है। पसीने में इसकी मौजूदगी इसका संकेत है कि बीमारी शरीर के अंगों को प्रभावित करना शुरू कर चुकी है। यह यंत्र को स्मार्टफोन से जुड़ रहेगा जो पसीने के परीक्षण के नतीजे फोन पर देखाएगा।

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