ढाई साल तक चुप रहे, अब कह रहे अध्यक्ष घोटालेबाज

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रवि कुमार हिरदाराम नगर. 14 जुलाई 2017

सामाजिक संस्था सिन्धु समाज के अध्यक्ष गोविंद जेठानी पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप संस्था के ही दो प्रमुख पदाधिकारियों ने लगाए हैं। महासचिव भरत आसवानी और सचिव हरीष मेहरचंदानी छह मामले सामने रखते हुए कहा है कि हम कह रहे हैं आप गड़बड़ कर रहे हैं, लेकिन अध्यक्ष सुनते नहीं। यहां सवाल यह भी है दोनों पदाधिकारी ढाई साल तक क्यों चुप रहे..  अब क्यों हाॅय तौबा मचा रहे हैं।

क्या आरोप लगाए अचानक मुखर हुए पदाधिकारी-
1. यह कि गोविंद जेठानी को अध्यक्ष पद संभाले हुए लगभग ढ़ाई वर्ष हो गये है। उन्होने आज तक आय व्यय का लेखा जोखा कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत नही किया है। जबकि संस्था का नियम है कि वर्ष में कम से कम एक बार साधारण सभा की बैठक आयोजित करना चाहिए न ही उन्होने आज तक साधारण सभा की बैठक बुलायी है जो कि एक गंभीर मामला है।

2. यह कि संस्था कि कार्यकारिणी में यह निर्णय लिया गया था कि नये सदस्य नहीं बनाये जायेगे। इसके बावजूद भी गोविन्द जेठानी ने कई लोगो से सदस्यता शुल्क के रुप में एक हजार रुपये लिये है जो कि गंभीर आरोप सिद्ध करती है।

3. यह कि अध्यक्ष महोदय ने बिना किसी भी पदाधिकारियों को बताये पुराने दुकानदारो से बकाया किराया राशि लगभग 1,60,000/- (एक लाख साठ हजार रुपये) ले ली जिसका हिसाब आज तक नही दिया है।

4. यह कि गोविंद जेठानी ने सिंधू समाज स्कूल में रिपेयरिंग कार्य 1,75,000/- (एक लाख पिचहतर हजार रु.) का कराया है इसकी जांच करायी जाये ताकि सच्चाई सामने आ सके।

5. यह कि पूर्व में भी उन पर आरोप लगाया कि संस्था की एक दुकान उन्होने अपने दामाद के नाम से किराये पर ली थी जिसको उन्होने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए 15 लाख रुपये लेकर पगडी पर दे दी थी। हाल ही में उन्होने एक दुकानदार की आर्थिक लाभ पहुंचाते हुए शेड निर्माण की अनुमति दी बिना किसी कार्यकारिणी से पूछे।

6. यह कि किरायेदार से ब्लेक चैक किराये का लेकर उन्होने अपनी फर्म में जमा करा दिया। जो कि गंभीर आरोप सिद्ध करती है।

क्या चाहते हैं-
– यदि समय रहते हुए इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो सिंधू समाजकमजोर हो जाएगा। – संरक्षकों एवं सलाहकारांे को अध्यक्ष की अनियमितता पर चुप्पी साधे हुए हैं।

सवाल उनसे भी–

आप क्यों पदाधिकारी बने हुए इस्तीफा क्यों नहीं देते।

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