सेवा सदन_ 59097 नेत्र रोगियों का इलाज 6520 मोतियाबिंद ऑपरेशन

share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

संतनगर 12 जुलाई 2017 बीडीसी

सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय में कैलेन्डर वर्ष 2017 के पूर्वाद्ध में कुल 59097 नेत्र रोगियों की जांच एवं उपचार किया गया है । इस दौरान अस्पताल में कुल 6520 रोगियों के आॅपरेषन किये गये । इनमें से मोतियाबिन्द के 4ए515, कांच बिन्दु के 33, रेटिना के 133 तथा अन्य नेत्र रोगों के 1839 आॅपरेषन किये गये हैं । उल्लेखनीय है कि अस्पताल द्वारा भोपाल के आसपास 200 कि.मी. की परिधि में विभिन्न जिला मुख्यालयों और उनके कस्बों में कुल 82 नेत्र रोग निदान षिविर लगाये गये। इन षिविरों में मिलने वाले मोतियाबिन्द रोगियों को सेवा सदन लाकर उनके निःषुल्क आॅपरेषन किये गये हैं । आलोच्य अवधि में अस्पताल में विभिन्न जिलों के मोतियाबिन्द आॅपरेषनों का विवरण इस प्रकार  है ।
भोपाल जिले के 1251, शाजापुर के 802, सीहोर के 990, विदिषा के 304, रायसेन के 752, राजगढ़ के 642, हरदा के 681, होशंगाबाद के 804, देवास के 72 तथा अन्य जिलों के 222 मोतियाबिन्द पीड़ित रोगियों के नेत्र आॅपरेषन किये गये हैं । सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय में आलोच्य अवधि में लगभग पूर्णतः दृष्टिबाधित 60 रोगियों के नेत्र प्रत्यारोपण किये गये हैं । दिवंगत प्राणियों के परिजन द्वारा अपने स्वजन के नेत्रों का दान करवाने से प्राप्त इन आंखों को जरूरतमंद दृष्टि बाधित लोगों को प्रत्यारोपित किया जाता है । सेवा सदन में नेत्रदान कराने की सुविधा 24ग्7 दिन उपलब्ध है । इस हेतु टोल फ्री फोन नम्बर 1919 पर सम्पर्क करए इच्छुक व्यक्ति अपने दिवंगत स्वजन के नेत्रदान करवा सकते हैं । राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में इस प्रकार सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय, राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है । गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तथा तुलनात्मक रियायती दरों पर उपचार के लिये सुविख्यात इस अस्पताल को एन.ए.बी.एच. द्वारा एक्रिडिटेषन प्रदान किया गया है । इस प्रकार यह मल्टी स्पेष्यिलिटी नेत्र अस्पताल मध्यप्रदेश का पहला और एक मात्र अस्पताल है जिसे यह विषिष्टता प्राप्त हुई है । केन्द्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों और उनके परिवारों के नेत्र रोगों के उपचार के लिये भी इस अस्पताल को मान्यता मिली है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *