मृत्यु भोज पर रोक, सिंधी समाज को मिले राजनीतिक आरक्षण

– सिंधी समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अनेक मुद्दों पर चर्चा

हिरदाराम नगर।

अखिल भारतीय सिंधी समाज ने देश के सभी राजनीतिक दलों से जहां जहां सिंधी मतदाताओं की संख्या पांच हजार से अधिक है, वहां पार्षद, जहां 80 हजार मतदाता हैं, वहां विधान सभा एवं जहां दो लाख से अधिक सिंधी भाषी मतदाता हैं, वहां से लोकसभा उम्मीदवार सिंधी भाषी नेता को बनाए जाने की मांग की है। इसी तरह समाज ने देशभर सिंधी परिवारों से मृत्यु भोज पूरी तरह से बंद करनें का भी आग्रह करते हुए इसे केवल ब्रम्हण, कन्याओं एवं परिवार के सदस्यों तक सीमित करने की अपील की है। यह निर्णय जयपुर में आयोजित समाज की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए। समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कलवानी( बिलासपुर) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 80 में से रिकार्डतोड़ देशभर से 72 पदाधिकारियों ने भाग लिया जिसमें मध्यप्रदेश के अलावा उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ से लेकर बिहार व पश्चिम बंगाल से भी इसमें प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का आयोजन जयपुर सिंधी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय पेसवानी व उनकी टीम की देख रेख में हुआ। यहां देशभर से पधारे पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सभी का सम्मान भी किया गया। इसमें महिला विंग, युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्षों के अतिरिक्त कई प्रदेशों के अध्यक्ष भी शामिल हुए।
राजनीतिक दलों से करेंगे मुलाकात
बैठक से लौटकर जानकारी देते हुए समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेश जसवानी ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि नगर निगम, नगर पालिका, विधान सभा, विधाान परिषद, लोकसभा एवं राज्य सभा में सिंधी भाषी नेताओं को प्रतिनिधित्व दिए जाने के लिए भाजपा, कांग्रेस, समावादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आप से लेकर सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए 15 सदसीय कौर कमेटी का भी गठन किया गया है।
आगामी बैठक दुबई में
बैठक में सर्वसम्मति से छह माह बाद होने वाली आगामी बैठक इस बार दुबई में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मुम्बई से आए समाज के पदाधिकारियों ने समूची व्यवस्था किए जाने का जिम्मा भी उठाया। बैठक की तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
बैठक में दिए सुझाव
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष कलवानी के अलावा सह राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिलोक दीपानी, राजकुमार ठारवानी, महेश सुखरामानी, गंगाराम कटारिया, खेमचंद तेजवानी, प्रकार मीरचंदानी, जेपी मूलचंदानी, सुरेश जसवानी, एयरफ ोर्स के रिटायर विंग कमांडर डा. नंदलाल जोतवानी, रमेश तनवानी ने सिंधी समाज की अनेक ज्वलंत समस्याओं के निराकरण व संगठन बावत उपयोगी सुझाव दिए। कैलाश आसूदानी ने गठित कौर कमेटी की आगामी बैठक संत हिरदाराम नगर में रखे जाने के सुझाव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
ये हस्तियां हुई शामिल
बैठक में मोहनलाल कोटवानी, राजेन्द्र मोटवानी, सेना पारदासानी, विजय पेसवानी, मूरलीधर बलवानी, सुन्दरलाल तारवानी, चन्द्रभान केटिया, जयपाल छाबडिय़ा, श्याम शिवदासानी, दर्शनलाल सतवानी, नरेश चोटरानी, अमृतलाल गोधवानी, हंसराज टहलियानी, मनोहरलाल मोटसिंघानी, रमेश भोजवानी, सतीश कृपलानी सहित कुल 72 पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने हिस्सा लिया।

सिंधी समाज की मांग
– सिंधी भाषा को रोजगार से जोडऩे की मांग
– सरल करें नागरिकता नियम
– पट्टों के नवीनीकरण और निराकरण की मांग
– सिंधी संगठन के विस्तार पर चर्चा

 

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