नेवी केप्टन का पार्थिव शरीर 15 दिन बाद आया

नम आंखों से  संतनगर ने दी अंतिम विदाई

हिरदाराम नगर। 02 जनवरी 2019

नेवी केप्टन धर्मवीर पारवानी का 15 दिन बाद बुधवार पार्थिव शरीर भोपाल पहुंचा। दोपहर में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। आज पूरा शहर गमगीन था और सभी की आंखें नम थी।
धर्म पारवानी का पार्थिव शरीर आज होनोलुलु से मुंबई एयरपोर्ट से विभिन्न मेडिकल कानूनी व सिक्योरिटी जांच की समस्त औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सुबह 7:30 बजे की फ्लाइट से भोपाल एयरपोर्ट पहुंचा। मालूम हो कि 38 वर्षीय धर्मवीर पारवानी मर्चेंट नेवी में सेवारत थे और प्रशांत महासागर में मेक्सिको से रवाना हुए कमर्शियल जहाज में बतौर कैप्टन उनकी तैनाती थी। विगत 18 दिसंबर 2018 को महासागर के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर उनकी मृत्यु हृदयाघात के कारण हो गई थी। जहाज कंपनी के उच्च अधिकारियों ने कर्नल नारायण परवानी को उनके पुत्र का पार्थिव शरीर लगभग एक माह पश्चात पहुंचाने की बात कही थी, जिसके कारण पूरा परिवार सदमे में था।
प्रयासों के बाद जहाज को चीन की बजाय होनोलूलू बंदरगाह के लिए मोड़ दिया गया और वहां पार्थिव शरीर उतारा गया। किंतु उसके बाद पार्थिव शरीर को आसानी से एवं समय पर मिलने की कोशिश जारी रही क्योंकि भारतीय एंबेसी से एनओसी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद कर्नल के दोस्त जो सेना से ही जुड़े हुए हैं उन्होंने आर्मी हैडक्वाटर को सूचित किया। तब जाकर यूएसए स्थित भारतीय एंबेसी के अधिकारी सक्रिय हुए और उन्होंने कर्नल नारायण परवानी से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया और उनके पुत्र के पार्थिव शरीर को भोपाल स्थित उनके घर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इस मामले में भारतीय सेना के हेडक्वार्टर में कर्नल परवानी के मित्रों ने सहयोग प्रदान करके मुख्य व महती भूमिका अदा की है। इसका परिणाम यह रहा कि एकमात्र सेना के हेड क्वार्टर ने कर्नल नारायण परवानी को उनके पुत्र के निधन का शोक संदेश तत्काल प्रेषित किया और विदेश मंत्रालय को उनका सहयोग करने के लिए गुहार लगाई। लेकिन एक अन्य अनुभव काफी पीड़ादायक रहा कि होनोलूलू से सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय एंबेसी के अधिकारियों ने पार्थिव शरीर प्रदान करने के संबंध में कोई भी दस्तावेज को ऑनलाइन लेने की बजाए अपने कार्यालय में तलब किए थे। जिसके लिए 12 घंटे की हवाई यात्रा के बाद दस्तावेज पहुंचने पर कानूनी कार्यवाही एंबेसी द्वारा पूरी की गई। तदुपरांत होनोलुलु से पार्थिव शरीर भारत के मुंबई एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए फ्लाइट से रवाना किया गया।

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