इस गणेश चतुर्थी कैसे करें गणेश जी को प्रसन्न

जब भी पूजा की शुरुआत की जाती है तो सबसे पहले गणेश जी की आराधना की जाती है। गणपति जी की पूजा करने से भक्तों के दिल की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। जैसे गणपति जी के पिता भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष सामाग्री की जरूरत नहीं होती वैसे ही गणेश जी को प्रसन्न करना भी बेहद आसान है। बता दें कि जो भी भक्त गणपति जी पर जितनी श्रद्धा रखता है वह उतने ही कृपालु बने रहते हैं। मनोकामनापूर्ति के लिए दूर्वा, मोदक, घी से गणपति जी की पूजा करें।

गणेश चतुर्थी पर्व तिथि व मुहूर्त 2018

Date : 13 September 2018
मध्याह्न गणेश पूजा – 11:04 से 13:31
मुहूर्त की अवधि = 2 घंटे 27 मिनट
चंद्र दर्शन से बचने का समय- 16:07 से 20:34 (12 सितंबर 2018)
चंद्र दर्शन से बचने का समय- 09:32 से 21:13 (13 सितंबर 2018)
चतुर्थी तिथि आरंभ- 16:07 (12 सितंबर 2018)
चतुर्थी तिथि समाप्त- 14:51 (13 सितंबर 2018)

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से गणेश जी का उत्सव गणपति प्रतिमा की स्थापना कर उनकी पूजा से आरंभ होता है और लगातार दस दिनों तक घर में रखकर अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा की विदाई की जाती है। इस दिन ढोल नगाड़े बजाते हुए, नाचते गाते हुए गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिये ले जाया जाता है। विसर्जन के साथ ही गणेशोत्सव की समाप्ति होती है।

पूजन सामग्री 

21 पूरे कमल बीज,
मणि पत्थर के 5 प्रकार
कच्चा दूध,
शहद,
बूरा,
गंगाजल,
घी,
दही ( पंचामृत बनाने किए लिए ये 5 चीज़ें)
पवित्र जल,
सूती लाल कपडा,
सिन्दूर,
देसी घी,
इत्र,
चांदी का वर्क,
2 डांडिये,
2 जनेऊ,
5 सुपारी,
पान का पत्ता डंठल वाला,
मोली,
रोली,
चावल,
पुष्प या फूल,
फूल माला,
लड्डू,
सूखे मेवे,
अगरबत्ती,
गुड़ धानी या अन्य कोई मिठाई और चूरमा ( भोग के लिए) ।

गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते वक्त ये सभी मंत्र बोलें

ॐ गणाधिपाय नमः
ॐ उमापुत्राय नमः
ॐ विघ्ननाशनाय नमः
ॐ विनायकाय नमः
ॐ ईशपुत्राय नमः
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
ॐ एकदन्ताय नमः
ॐ इभवक्त्राय नमः
ॐ मूषकवाहनाय नमः
ॐ कुमारगुरवे नमः

Ganesh Ji Ki Aarti
Ganesh ji ki Aarti

Lord Ganesha's sacred plant

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