50 साल साथ रहने के बाद लिए सात फेरे

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टीकमगढ़. 02 जुलाई 2012 बीडीसी न्यूज
जन्म-जन्म का साथ है तुम्हारा-हमारा, सात फेरे नहीं लिए तो क्या.. मोहब्बत की इस दास्तां को तो पूरी शिद्दत से प्रदेश के टीकमगढ़ में रहने वाले सुके और हरिया ने जीया। 50 साल से एक साथ रहने के बाद जिस समाज के कारण बिना फेरे लिए साथ रहने लगे थे, उसी समाज की रस्म पूरी की.. सात फेरे लेकर।
चलिए पूरी दास्तां यूं है कि टीकमगढ़ में रहने वाले सुके कुशवाहा ने 50 साल पहले सामाजिक रोकटोक के चलते हरिया बाई को बिना शादी किए अपना लिया था। 80 साल की उम्र में सुके ने हरिया के साथ सामाजिक रिवाज निभाकर शादी करने का फैसला लिया और विवाह रचाने, 75 साल की हरिया बाई के घर पहुंचे। वर -वधू ने एक-दूसरे को वर माला पहनाई और सात फेरे भी लिए।
दरअसल टीकमगढ़ जिले के जतारा पुलिस थाने के पेतपुरा गांव में रहने वाले सुके कुशवाहा ने करीब 50 साल पहले हरिया बाई के साथ समाज के तमाम बंधनों को तोड़ते हुए एक साल रहना स्वीकार किया था, लेकिन सामाजिक कारणों और दवाब की वजह से विवाह बंधन में नहीं बंध पाए थे। इसके बाद उनके दो बेटे और दो बेटियां भी हुईं।
पिछले दिनों उन्होंने अपने दिल का दर्द बच्चों के सामने बयां किया। फिर क्या था माता-पिता को समाज के सामने पति-पत्नी का दर्जा दिलाने में बच्चों ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। शादी की तमाम तैयारियां की गई। बैंड-बाजे के साथ पिता की बारात मां के दरवाजे तक ले गए। इस मौके पर बेटे-बेटियां, नाती-पोतों के साथ गांव के लोगों ने शादी में जमकर डांस किया। इस अनोखी शादी की चर्चा जिले ही नहीं देश भर में हो रही है।

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