कमलनाथ का शीत प्रहार, विपक्ष रहा खाली हाथ

भोपाल। 10 जनवरी 2019

ध्यप्रदेश की 15वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र.. परंपराओं के टूटने और सकारात्मक सहयोग की बात कहने वाले विपक्ष के टकराव के रवैये का गवाह बना। विपक्ष ने न तो राज्यपाल का अभिभाषण सुना और न अनुपूरक बजट पर चर्चा की। 15 साल तक सत्ता में रही बीजेपी के लिए विपक्ष के रूप में उखड़ी नजर आई और 15 साल बाद सत्ता में लौटे कांग्रेस अपने तरीके से अपने हर मकसद को पूरा करती गई। सदन के हर हालत का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ा।

स्पीकर सत्ता पक्ष का और डिप्टी स्पीकर विपक्ष का होता है, यह भाजपा की डाल गई परंपरा थी, लेकिन इस बार बीजेपी ने स्पीकर के लिए अपना उम्मीदवार उतारकर परंपरा तोड़ने के संकेत दिए। कांग्रेस ने भी प्रोटेम स्पीकर के जरिये भाजपा के स्पीकर के प्रस्ताव काे ही सदन में नहीं आने दिया। हंगामा हुआ, बहिष्कार हुआ पैदल मार्च भी हुआ राजभवन तक, लेकिन कांग्रेस के नर्मदा प्रसाद प्रजापति अध्यक्ष बन गए। मंगलवार को स्पीकर चुनाव में तय हुई स्क्रीप्ट पर गुरूवार को डिप्टी स्पीकर के चुनाव में कांग्रेस ने आगे बढ़ाया, प्रोटेम स्पीकर की जगह स्पीकर थे और मंगलवार की जगह गुरूवार का दिन था। स्पीकर ने भाजपा को डिप्टी स्पीकर का प्रस्ताव ही नहीं रखने दिया। हिना कांवरे को डिप्टी स्पीकर बना दिया गया। बीजेपी ने मंगलवार की तरह हाय तौबा मचाई। स्पीकर पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया, राष्ट्रपति तक मामला ले जाने और कोर्ट में चुनौती देने की बात कही। गुरूवार  को बिना चर्चा के 22 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पास हो गया।

भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक के चलते पांच दिनी विधानसभा की कार्यवाही चार दिन में सिमट कर रह गई। सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भले ही गोपाल भार्गव की थी, लेकिन कभी शिवराज तो कभी नरोत्तम संभालते नजर आए। विधानसभा के अंतिम दिन शिवराज सिंह चौहान जब सवर्ण आरक्षण बिल पास होने पर राज्यसभा का थैंक्यू कह रहे थे, उन्हे बिना अनुमति बोलने पर स्पीकर ओर कांग्रेस विधायकों ने निशाना बनाया, हालांकि शिवराज सिंह चौहान ने कहा  कि वह अपनी बात शिष्टाचार की परंपरा के चलते रख रहे थे।

सत्र को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने क्या कहा, देखिए यू ट्यूब् चैनल बीडीसी हिन्दी न्यूज पर…

विशेष संवाददाता बीडीसी न्यूज

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