पेंशन भोगियों की पेंशन का पुनरीक्षण, निर्देश जारी

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भोपाल : 11 जून, 2018

राज्य शासन ने एक जनवरी 2016 के पूर्व के शासकीय पेंशनर और परिवार पेंशनर को देय पेंशन के पुनरीक्षण का निर्णय लिया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने निर्देश जारी किये हैं

निर्देश में कहा गया है कि पेंशन और परिवार पेंशन का पुनरीक्षण विद्यमान मूल पेंशन को 2.57 के गुणक से गुणा करके तथा इस प्रकार से प्राप्त राशि को आगामी रुपये में पूर्णाकिंत कर किया जायेगा। इस गणना में विद्यमान मूल पेंशन और परिवार पेंशन में मँहगाई राहत को शामिल नहीं किया जायेगा। यह पुनरीक्षण एक अप्रैल 2018 से प्रभावशील होगा। पेंशन और परिवार पेंशन की न्यूनतम राशि 7750 रुपये प्रति माह होगी।

निर्देश में कहा गया है कि वृद्ध पेंशनर और परिवार पेंशनरों के लिए निर्धारित पेंशन की वर्तमान व्यवस्था यथावत लागू रहेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अथवा स्वशासी संस्थान में स्थाई संविलियन के बाद राज्य शासन से अलग से पेंशन एवं परिवार पेंशन प्राप्त होने की स्थिति में पुनरीक्षण के संबंध में भी निर्देश दिये गये हैं। निर्देश में कहा गया है कि शासकीय सेवक द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरण और स्वशासी संस्थान में स्थायी संविलियन पर शत-प्रतिशत पेंशन को समर्पित करते हुए, एकमुश्त राशि प्राप्त कर ली गई है, तथा उसके पेंशन के 1/3 हिस्से का लाभ प्राप्त हुआ है तो ऐसे मामले में पुनरीक्षण के संबंध में अलग से निर्णय लिये जायेंगे।

पुनरीक्षित परिवार पेंशन का भुगतान अप्रैल 2018 की पेंशन जो मई माह में भुगतान की जायेगी, उसमें किये जाने के लिए कहा गया है। पुनरीक्षित पेंशन पर सातवें वेतनमान में स्वीकृत मँहगाई राहत दी जायेगी। मँहगाई राहत के आदेश बाद में जारी किये जायेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की भुगतान शाखा द्वारा पुनरीक्षित की गई पेंशन और परिवार पेंशन के 10 प्रतिशत प्रकरणों का टेस्ट/ ऑडिट संभागीय और जिला पेंशन अधिकारी द्वारा किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। वित्त विभाग के निर्देश राज्य शासन के समस्त विभागाध्यक्ष, संभागीय कमिश्नर और कलेक्टर्स को जारी किये गये है।

  • एमपी इंफो

 

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