चुनाव से छह माह पहले नंदू भैया की जगह राकेश

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सब कुछ ठीक है- भाजपा में बताने की कोशिश
अजय कुमार
भोपाल। 18 अप्रैल 2018
तमाम नामों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने प्रदेश में अपना मुखिया बदल दिया है। नंदकुमार सिंह चौहान की जगह जबलपुर से सांसद राकेश सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। बुधवार दोपहर नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान दिल्ली से किया गया। ताजपोशी भी कर दी गई है। शिवराज सरकार के दो-तीन मंत्रियों और प्रदेश के लिए चुनौती बनने वाले कैलाश विजयवर्गीय का नाम चर्चाओं में था, ऐसे में नेतृत्व में आलाकमान ने बीच का रास्ता निकाला। अपनी पसंद पर शिवराज सिंह की हामी भरवा ली। मंगलवार को नंदू भैया ने अपना इस्तीफा दे दिया था, कहा गया था कि चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र में वक्त देने के लिए पद से आजादी मांगी थी।

सियासत में जो दिखाता है या जो दिखाने की कोशिश होती है.. वैसे कतई नहीं होता। इसलिए तो राज की नीति को राजनीति कहा जाता है। नए अध्यक्ष का नाम तय करने से लेकर ताजपोशी तक जो तस्वीर दिखी उसमें यह बताने की पूरी कोशिश हुई, ऑल इज वेल। बुधवार दोपहर अरुण सिंह राष्ट्रीय महासचिव और बीजेपी मुख्यालय प्रभारी नई दिल्ली की ओर से एक पत्र जारी कर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राकेश सिंह को मप्र का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय की जानकारी दी गई। हालांकि पार्टी कार्यालय में तैयारियां सुबह से ही कर ली गई थी, प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला दिल्ली में रविवार को ही हो गया था। शिवराज सिंह चौहान राकेश सिंह के दिल्ली बंगले पर भाजपा सांसद के साथ गुफ्तगू कर चुके थे। नाम के ऐलान से पहले पार्टी कार्यालय में ढोल बचने लगे थे, कार्यकर्ता नाचने लगे थे। माहौल ऐसा था जैसे किसी राज्य में पार्टी ने अपनी सरकार बनाई हो। अध्यक्ष बदलने का फैसला संगठन के कामकाज में दायित्व का बदलाव था।

ताजपोशी से पहले नए अध्यक्ष राकेश सिंह नंदूभैया के घर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए कहा कि नंदूभैया के अनुभव और साथ के साथ संगठन को आगे ले जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी नंदूभैया के घर पहुंचे और तीनों एक साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। हार-फूल के बाद शुरूआत नंदूभैया के विदाई भाषण से हुई। नंदूभैया ने कहा मैंने अपना वेस्ट देने की कोशिश की है, लेकिन चुनाव के छह महीने पहले उनकी विदाई कर संगठन ने अपना ऑपिनियन दे दिया था।

नंदूभैया के बाद बोलने आए शिवराज सिंह चौहान ने नंदूभैया की खूब तारीफ की, उनके कामकाज को 100 में 100 नंबर दिए। नए अध्यक्ष राकेश सिंह की तारीफ में कोई कंजूसी नहीं की। राकेश सिंह ने यह बताने की कोशिश की चुनाव में पार्टी का हर कार्यकर्ता खुद को प्रदेशाध्यक्ष माने। नंदकुमार सिंह का साथ चाहा और पद के बदलाव को निरंतर प्रक्रिया बताते हुए भाजपा को एक नए शिखर पर ले जाने की बात कही।

मीडिया के सवाल-
– नंदूभैया ने संसदीय क्षेत्र में काम करने के लिए अध्यक्ष पद छोड़ा है, क्या आपको चुनाव से दूर रहकर संगठन में काम करने का जिम्मेदारी मिल गई है।
प्रदेशाध्यक्ष : भाजपा में पार्टी तय करती है किस कार्यकर्ता की कब-क्या जिम्मेदारी है। जो ड्यूटी मिली उसे पूरी मेहनत से निभाऊंगा।
– आपकी नई टीम कब तक सामने आएगी।
प्रदेशाध्यक्ष : फिलहाल नंदूभैया टीम ही मेरी टीम होगी।
– चुनाव में आपका लक्ष्य क्या होगा।
प्रदेशाध्यक्ष: विधानसभा चुनाव में शिवराज ओर लोक सभा चुनाव में मोदी सरकार बनाना।

चुनाव प्रबंध समिति
संयोजक तोमर
भाजपा प्रबंध समिति का ऐलान प्रदेशाध्यक्ष ने काम संभालने के तत्काल बाद किया। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को संयोजक तथा प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को सह संयोजक बनाया गया है। सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गेहलोत पूर्व भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा, नंदकुमार सिंह चौहान, विधायक कैलाश विजय वर्गीय, गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह, मंत्री माया सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को समिति में शामिल किया गया है।

विपक्ष के वार
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने राकेश सिंह का अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है, लेकिन कहा है नंदूभैया जिस तरह हटाया गया वह अपमानजनक है। आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा सांसद राकेश सिंह गोद लिया गांव नहीं संभाल सके पार्टी क्या संभालेंगे।

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