स्मार्ट फोन योजना के लिए 152 करोड़ मंजूर

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भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 20, 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिसंबर 2017 से सहरिया, बैगा और भारिया (विशेष पिछड़ी जनजातियों) के परिवारों को कुपोषण से मुक्ति के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया। यह राशि परिवार की महिला मुखिया के खाते में जमा की जाएगी। इस नवीन योजना से सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के लगभग ढाई लाख परिवार लाभान्वित होंगे।

मंत्रि-परिषद ने अशासकीय संस्थानों के पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश एवं फीस नियामक समिति तथा निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित शुल्क की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति की आय सीमा तीन लाख रुपए से बढ़ाकर छ लाख रुपए तक किए जाने को अनुमोदन प्रदान किया। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के अध्ययनरत विद्यार्थियों की आय सीमा का बंधन समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया।

विगत तीन वर्षों में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत केंद्रांश और राज्य मद से 6 लाख 94 हजार 646 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिए रुपए 586 करोड़ 47 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई। आगामी तीन वर्षों में कक्षा 11वीं , 12वीं और महाविद्यालयीन छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 8 लाख 72 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

स्मार्ट फोन योजना निरंतर रहेगी

मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत प्रथम वर्ष में प्रवेशित विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन प्रदान करने की योजना को निरंतर रखने का निर्णय लिया। योजना में शासकीय महाविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को उनकी 75 प्रतिशत नियमित उपस्थिति दर्ज होने के बाद स्मार्ट फोन का वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक के लिए रुपए 154 करोड़ की व्यय सीमा तक योजना निरंतर रखने की स्वीकृति प्रदान की। योजना से महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इंटरनेट और अन्य सॉफ्टवेयर के प्रयोग से नवीन जानकारी प्राप्त कर अध्ययन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में सहायता प्राप्त होगी।

मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा संचालित एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली परियोजना के अंतर्गत अतिरिक्त नवीन कार्यों के लिए टीसीएस द्वारा प्रस्तुत चेंज रिक्वेस्ट मानव दिवसों का मूल्यांकन वित्त विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तकनीकी विशेषज्ञों की समिति से करवाया जाए। यह समिति मूल्यांकन रिपोर्ट समय -समय पर आयुक्त कोष एवं लेखा को प्रस्तुत करेगी।

मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीन कार्यरत संविदा हैंडपंप तकनीशियन को देय मानदेय रुपए 65 प्रति हैंडपंप के स्थान पर अधिकतम 120 हैंडपंप के लिए 75 रुपए प्रति हैंडपंप की दर से भुगतान करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने पर्यावरण विभाग के लिए 12 अस्थाई पदों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की।

 

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