मोदी मास्ट्रक स्टोक, सवर्णों का 10 फीसदी रिजर्वेशन

लोक सभा चुनाव से पहले कैबिनेट का फैसला

नई दिल्ली. 07 जनवरी 20190

माेदी सरकार ने सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट की सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया। यह आरक्षण सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक आधार पर दिया जाएगा। यह 10% आरक्षण मौजूदा 49.5% कोटे के अलावा होगा। आरक्षण लागू कराने के लिए सरकार को संविधान संशोधन विधेयक पारित कराना होगा, जो मंगलवार को पेश किया जा सकता है। राज्यसभा का सत्र एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। उधर, भाजपा ने अपने सभी सांसदों को मंगलवार को लोकसभा में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया।  इसे मोदी सरकार को लोकसभा चुनाव से पहले मास्टर स्ट्राक माना जा रहा है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन सवर्णों के पास पांच एकड़ से कम खेती योग्य जमीन हो, एक हजार वर्ग फीट से छोटा घर है, शहरी क्षेत्रों के अधिसूचित नगरीय निकायों में 100 गज से छोटा आवासीय प्लॉट है या गैर -अधिसूचित नगरीय निकायों में 200 गज से छोटा आवासीय प्लॉट हो उन्हे आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार यह प्रस्ताव लोकसभा चुनाव से पहले ला रही है।मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले सवर्ण आंदोलन शुरू हुआ था। इसका सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश में देखा गया था। तीनों राज्यों में कांग्रेस को जीत मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट का पेच

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या इनके अलावा किसी भी अन्य विशेष श्रेणी में दिए जाने वाले आरक्षण का कुल आंकड़ा 50% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। हालांकि, जुलाई 2010 के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ठोस वजह होने पर राज्य सरकार इसे बढ़ा सकती है। मौजूदा समय में तमिलनाडु में 69% (50% ओबीसी और 18% एसटी) आरक्षण है।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने इसे चुनावी नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चार साल और आठ महीनों की सरकार में इसके बारे में नहीं सोचा गया, आचार संहिता लगने से तीन महीने पहले ये चुनावी नौटंकी की। कोर्ट के नियमानुसार 50% से ज्यादा आरक्षण नहीं हो सकता। हालांकि आम आदमी पार्टी ने प्रस्ताव का समर्थन किया है। आपके संयोजन अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हम प्रस्ताव का हम समर्थन करने के लिए तैयार हैं। केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया। इसे मास्टर स्ट्रोक बताते हुए अठावले ने कहा कि मोदी के पास और भी स्ट्रोक हैं।

बीडीसी ब्यूरो रिपोर्ट

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