सियासी बंद होगा, जनता का जवाब

भोपाल. 01 सितंबर 2018
फिर एक और बंद की तैयारी है.. एससी-एसटी एक्ट को लेकर भारत बंद के बाद 10 सितंबर को कांग्रेस का सियासी बंद है। मुद‌्दा भाजपा सरकार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें हैं। पहला बंद सवर्णों को था शांति से हो गया, न तो आंदोलनकारी आमतौर पर सड़कों पर उग्र है और ना ही भाजपा सरकार का भी अगड़ों के आंदोलन को लेकर साफ्ट कॉर्नर रहा। दूसरा बंद सियासी है, कांग्रेसी भी एक्शन में रहेंगे, जो राज्यों में होने वाले 2018 के चुनाव और 2019 में केन्द्र के चुनाव में मैदान तैयार कर रहे हैं। पुलिस भी सरकारी मिजाज में रहेगी, एक भी ईंट बंद के दौरान उछली तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ईंट से ईंट बजा देगी। … संयम में दोनों रहे तो बंद शांति से पूरा हो जाएगा, हालांकि संभावना कम है।

मध्यप्रदेश की बात करें तो कांग्रेस प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट अधिक होने से महंगा पेट्रोल-डीजल बेचकर लोगों की जैब काटकर खजाना करने की बात करेगी। वित्त साफ कर चुके हैं सरकार का खजाना नहीं पुरानी भरपाई हो रही, जो वैट में सरकार ने दी थी। चुनावी साल में किसान, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, बलात्कार के साथ महंगाई भी बड़ा मुद‌्दा होगी। कांग्रेस के सियासी बंद में यह तो तय है कि मुद‌्दा भले ही आम आदमी से जुड़ा हो, लेकिन कामयाबी के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत दिखानी होगी। आग्रह से बाजार बंद कराने निकलना भी आसान नहीं होगी क्योंकि वर्दी तैयार रहेगी डंडा भांजने में। बाजार खुले तो भाजपा के प्रवक्ता चिखचिख कर कहेंगे जनता कांग्रेस के साथ नहीं है। कांग्रेस के क्षत्रपों को अपने-अपने इलाकों में बंद करवाना पड़ेगा, कांग्रेसी की ताकत का अहसास कराने के लिए।

भोपाल में कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ ने बंद को लेकर रणनीति बनाई। दावा किया केन्द्र और प्रदेश सरकार को लेकर लोगों के खासा गुस्सा है, जो बंद में सामने आएगा। मध्यप्रदेश सरकार जनता की जैब पर डाका डालकर, खजाना भर रही है। सबसे महंगा पेट्रोल प्रदेश में बिक रहा है। नाथ ने कहा कि दुनिया के बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें घट रहीं है और भाजपा सरकार जनता को लूटने में लगी है। कांग्रेस सरकार में महंगाई को लेकर हाय तौबा मचाने वाले भाजपा के नेताओं की चुप्पी को लेकर जनता माफ नहीं करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *