राबड़ी देवी के घर सीबीआई का छापा

share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

पटना : अप्रैल 10, 2018
आईआरसीटीसी घोटाले में सीबीआइ ने बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर छापा मारा है। राबड़ी के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव से तकरीबन चार घंटे तक पूछताछ भी की गई है।

जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई आईआरसीटीसी द्वारा होटलों के रखरखाव को लेकर दिए गए टेंडर में अनियमितता को लेकर की गई है। लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए टेंडर घोटाला होने का आरोप है। इस मामले में जांच एजेंसी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्‍वी यादव से कई बार पूछताछ कर चुकी है। पिछले साल लालू यादव से इस मामले में तकरीबन सात घंटे तक पूछताछ की गई थी। राबड़ी देवी इससे लगातार बचती रही थीं। उन्‍हें कई बार समन भेजा गया था, लेकिन वह जांच अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हुई थीं। आखिरकार उनसे पटना में ही पूछताछ की गई थी। सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मामले की जांच कर रहा है।

क्‍या है मामला:
सीबीआई द्वारा पिछले साल जुलाई में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रांची और पुरी में स्थित बीएनआर होटलों के विकास, रखरखाव और उसे चलाने के लिए दिए गए टेंडर में अनियमितता की गई थी। लालू यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे और ये ठेका भी उसी वक्‍त दिया गया था। जांच एजेंसियों ने सुजाता होटल्‍स के निदेशकों विजय और विनय कोचर, डिलाइट मार्केटिंग कंपनी और आईआरसीटीसी के तत्‍कालीन निदेशक पीके. गोयल को भी आरोपी बनाया है। सीबीआई का आरोप है आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का टेंडर देने के एवज में लालू यादव को बेनामी कंपनी की ओर से घूस के तौर पर पटना के प्राइम लोकेशन पर जमीन दी गई थी। इस कंपनी का स्‍वामित्‍व सरला गुप्‍ता के पास था। बता दें कि रांची और पुरी के होटलों की जिम्‍मेदारी सुजाता होटल्‍स को दी गई थी। दूसरी तरफ, ईडी ने मनीलांड्रिंग के मामले में लालू परिवार के खिलाफ केस दर्ज किया है। बता दे कि लालू यादव और उनका परिवार लगातार अनियमितता के आरोपों को शुरुआत से ही खारिज करता रहा है।
स्रोत: मीडिया रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *