राम मंदिर… 5000 करोड़ की डील का खुलासा

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अयोध्या 15 फरवरी 2018
अयोध्या सद्भावना समन्वय महा समिति के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने दावा किया है कि अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर का समर्थन करने वाले अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व कार्यकारी सदस्य मौलाना सलमान हसन नदवी ने अयोध्या में ही एक और मस्जिद बनाने के लिए जमीन, पैसा और राज्यसभा सांसद का पद मांगा था। मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मांग के बाद वह पांच फरवरी को मौलाना नदवी से मिले थे और बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि के मुद्दे पर बातचीत की थी।
अमरनाथ ने दावा किया, ’मैं 5 फरवरी को नदवी से मिला था। हमने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने मुझसे कहा कि इस मुद्दे पर एक लिखित प्रस्ताव दिया जाए और मैंने ऐसा ही किया जो सभी को भेजा गया। वह अयोध्या में मक्का जैसी मस्जिद बनाना चाहते थे। इसके लिए वह 200 एकड़ जमीन, राज्यसभा सदस्यता और 1000 करोड़ रुपये चाहते थे।’
उधर, नदवी ने मिश्रा के इस दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिश्रा इस तरह के मुद्दे उठाकर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव बरकरार रखना चाहते हैं। नदवी ने कहा, ’इस तरह के लोग नहीं चाहते कि अयोध्या में राम मंदिर या मस्जिद बने। वह शैतान हैं और उनका एक मात्र काम ईश्वर के कार्य में तनाव पैदा करना है। वह इस बात से भयभीत हैं कि हिंदू और मुस्लिम एकजुट हो जाएंगे। वह जानते हैं कि मैं अकेला ऐसा शख्स हूं जो यह मुद्दा उठा रहा हूं।’
नदवी ने कहा, ’ हम देश में शांति और समृद्धि का संदेश देना चाहते हैं । मैं मिश्रा को जानता भी नहीं हूं और उनसे कभी मिला नहीं हूं। किसी भी तरह के डील के बारे में भी नहीं जानता हूं।’ इससे पहले अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विवादित जमीन पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन करने के लिए नदवी को पद से हटा दिया था। बता दें, नदवी ने नौ फरवरी को कहा था कि वह आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से मिले थे और राम मंदिर के निर्माण को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने अदालत के बाहर इस विवाद के हल का संकेत दिया था।

इस बीच बीजेपी सांसद ने सुब्रमण्यन स्वामी ने घूस लेने के आरोपों पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, ’मौलाना नदवी के घूस मांगने के आरोपों से मेरी बात साबित हो गई। कोई भी ऐसा मुस्लिम नेता जो मेल-मिलाप की बात करेगा, उसे घूस माना जाएगा।’

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