तीन तलाक: विपक्ष एक, एनडीए में टूट

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नई दिल्ली 03 jan 2018
राज्यसभा में बुधवार को ट्रिपल तलाक बिल पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की मांग कर रहा विपक्ष जहां कांग्रेस के नेतृत्व में एकजुट दिखाए वहीं सत्तारूढ़ एनडीए को फूट का सामना करना पड़ा। टीडीपी ने ट्रिपल तलाक बिल पर सरकार का साथ छोड़ विपक्ष के साथ खड़े होने का फैसला किया। इतना ही नहींए कांग्रेस की तरफ से सिलेक्ट कमिटी के लिए प्रस्तावित सदस्यों के नाम में टीडीपी नेता का भी नाम है।
ट्रिपल तलाक बिल पर बुधवार को हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सरकार ने बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजने की विपक्ष की मांग को स्वीकार नहीं किया। हालांकि इस दौरान राजनीतिक रूप से केंद्र की बीजेपी सरकार को एक झटका जरूर लगा। एनडीए की सहयोगी टीडीपी ने भी ट्रिपल तलाक के मसले पर सरकार का साथ नहीं दिया। हालांकि इसकी सुगबुगाहट पहले से ही थी कि टीडीपी बिल को सिलेक्ट कमिटी भेजने की विपक्ष की मांग के साथ जा सकती है।

बुधवार को यही देखने को मिला। कांग्रेसए एसपीए टीएमसीए डीएमकेए एनसीपीए सीपीआई और सीपीएम सहित अन्य पार्टियों के अलावा टीडीपी ने भी इस बिल पर आपत्तियों के खिलाफ विपक्षी एकता का साथ दिया। विपक्ष ने दावा किया कि विधेयक त्रुटिपूर्ण है और सिलेक्ट कमिटी में इस विधेयक पर व्यापक चर्चा होगी। हालांकि सरकार की तरफ से जेटली ने विभिन्न नियमों और सदन की परिपाटी का हवाला देते हुए कहा कि दोनों प्रस्ताव निर्धारित प्रक्रिया को पूरी नहीं करते और दोनों प्रस्ताव अस्वीकार्य हैं।

उन्होंने आनंद शर्मा के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि संसद की किसी समिति में सत्तारुढ़ दल को बाहर कर दिया जाए। विधेयक को जल्दी पारित कराने का कारण बताते हुए जेटली ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने तीन तलाक पर रोक के लिए कानून की खातिर छह महीने का समय दिया है जो फरवरी में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में संसद से उम्मीद की जाती है कि वह जल्दी से विधेयक पारित करे।

 

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