गूगल का भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम ‘तेज’ पेश

share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

नई दिल्ली।

टेक्नोलॉजी के दुनिया की बादशाह गूगल ने सोमवार को भारत में अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम ‘तेज’ को पेश कर दिया। इसका मकसद भारतीय बाजार में इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन को आसान व सुरक्षित बनाना है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को इसे लांच किया। वित्त मंत्री ने इस पर पहला लेनदेन भी किया। इस एप को सबसे पहले भारत में पेश किया गया है। यह अंग्रेजी व हिंदी समेत सात भाषाओं में उपलब्ध है।

इस मौके पर वित्त मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे बाजार में अत्याधुनिक तकनीक दस्तक देंगी, डिजिटल भुगतान गति पकड़ लेगा। कई लोगों ने सुविधा के लिए नहीं, बल्कि मजबूरन भुगतान के डिजिटल माध्यम को चुना था।

यही मजबूरी कई लोगों की आदत बन गई है। अब यह आदत और तेजी से बढ़ेगी। गूगल के वाइस प्रेसीडेंट (नेक्स्ट बिलियन यूजर्स) सीजर सेनगुप्ता ने कहा कि इसे भारत के हिसाब से तैयार किया गया है। कुछ क्षेत्र हैं जिनमें आसानी से भारत पश्चिम से आगे निकल सकता है। भुगतान और वाणिज्य उन्हीं में से हैं।

भारतीय पेमेंट बाजार में दस्तक

गूगल ने तेजी से बढ़ते भारतीय पेमेंट बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए इस एप को सबसे पहले यहां लांच किया है।

यह नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआइ पर काम करता है।

गूगल ने इस एप के लिए एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ, एक्सिस और भारतीय स्टेट बैंक के साथ साझेदारी की है।

ऐसे करेगा काम

यूजर को इस एप पर उस मोबाइल नंबर से रजिस्टर करना होगा जो उनके बैंक खाते से जुड़ा है। ईमेल आइडी देने के बाद इसमें रजिस्टर हो जाएंगे। इसके जरिये यूजर अपने बिलों का भुगतान और अन्य उपयोग करने वालों के साथ रुपये का लेनदेन तेजी व आसानी से कर सकेंगे।

खास फीचर कैश मोड

यह इस एप का खास फीचर है। इसके जरिये यूजर अपना फोन नंबर या बैंक की जानकारी दिए बिना भी लेनदेन कर सकेंगे। यह फीचर ऑडियो क्यूआर कोड तकनीक पर आधारित होगा, जिसमें यूजर हैंडसेट के माइक्रोफोन और स्पीकर के जरिये जुड़े होंगे और बोलकर लेनदेन पूरा कर सकेंगे।

सुरक्षा का खास ख्याल

गूगल का धोखाधड़ी पकड़ने वाला इंजन और सुरक्षा के कई स्तर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस प्लेटफॉर्म पर सभी लेनदेन सुरक्षित रहें। आने वाले दिनों में इस एप में वॉलेट और कार्ड सुविधा प्रदान करने की योजना है।

50 रुपये से अधिक का लेनदेन करने पर उपभोक्ताओं को 1000 रुपये तक के स्क्रैच कार्ड दिए जाएंगे।

गूगल पीवीआर और रेडबस जैसी कंपनियों के साथ काम कर रही है, जो उपभोक्ताओं को तेज के जरिये भुगतान करने देंगी।

आने वाले समय में लावा, माइक्रोमैक्स, नोकिया व पैनासोनिक जैसी कंपनियों के फोन में तेज एप पहले से ही मौजूद रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *