बाहर आया दर्द… किसके सामने रोऊं

महापौर से हटाने अधिकारी ने हटाने दिया नोटिस_मेयर

भोपाल। 06 feb 2018
महापौर बंगला.. सोमवार शाम का वक्त। मंगलवार को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक से पहले रणनीति बनाने भाजपा पार्षदों का जमावड़ा हुआ। बंद कमरे में हुई बैठक से बाहर आई आवाजों में महापौर आलोक शर्मा का गुस्सा सामने आया। महापौर पद से हटाने के लिए नोटिस दिया गया, किसी के बाप की हिम्मत है जो हटा सके। कहा जा रहा है, कांग्रेस के पार्षद गिरीश शर्मा, अमित शर्मा के वार्डों में काम मैं करा रहा हूं… मैं कांग्रेस का पौधारोपण करूंगा क्या! नगर निगम में एक भी अवर आयुक्त लायक नहीं हैं.. एक अवर आयुक्त का नाम लेते हुए कहा- आज (संेसर शब्द) भगा दूं, लेकिन कोई दूसरा तो मिले।
बंद कमरे में हुई बैठक में महापौर खासे गुस्से में थे। कहावत है दीवारों के कान भी होते हैं.. लेकिन दीवार के पास खड़े होने से अंडर कवर रिपोर्टर के कानों तक बहुत कुछ पहुंच गया (रिकाडिंग मौजूद है)। जब पार्षदों ने अधिकारियों के बात न सुनने का रोना रोया तो महापौर ने गुस्से भरे लहजे में कहा आप तो मेरे सामने रो रहे हैं, मैं किसके सामने रोऊं। मुझे महापौर से हटाने के लिए एक अधिकारी ने नोटिस दिया है… लेकिन किसी का बाप भी नहीं हटा सकता। कम्पलीशन सर्टिफिकेट गिरीश शर्मा के पास पहंुच जाते हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट के पास पहुंच जाते हैं, मुझे पता तक नहीं होता।
मैंने काम नहीं कराए
बैठक में पूर्व महापौर कृष्ण गौर और मंत्री उमाशंकर गुप्ता के समर्थक पार्षदों ने कांग्रेस पार्षद गिरीश शर्मा और अमित शर्मा के वार्डों पर मेहरबानी का सवाल उठाया तो महापौर ने कहा यह सारे काम पूर्व कमिश्नर छवि भारद्वाज ने पास किए थे। पार्षदों का सवाल था, बिना महापौर के यह कैसे संभव है। सूत्रों को कहना था कि पहले तो यह पार्षद बैठक का बहिष्कार करने वाले थे, लेकिन अंतिम समय में आ गए थे।
मेरा रौल नहीं
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मंे महापौर का कोई रौल न होने का जिक्र करते हुए महापौर शर्मा ने कहा, सारा काम मैंने किया, लेकिन जो कमेटी है उसमें मेरा ही कोई रौल नहीं है। हमारी सरकार है, किससे कहूं। मैं सबको छोड़ सकता हूं, लेकिन भाजपा को नहीं छोड़ सकता। कोकता जमीन अभी तक आवंटित नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *