केरल पानी-पानी : 324 मौते, गुरूवार को 173 मौते

तिरुवनंतपुरम । 18 अगस्त 2018

केरल जल प्रलय की चपेट में है। दक्षिण भारत का यह तटवर्ती राज्य 100 सालों की सबसे भयंकर बाढ़ में डूबा है। गुरुवार को ही 106 लोगों की बाढ़ और भूस्खलन के चलते मौत हो गई। अब तक इस विभीषिका में मरने वालों का आंकड़ा 324 हो चुका है। 8 अगस्त से अब तक यानी महज 10 दिनों में ही कुल 173 लोग बाढ़ के चलते काल के गाल में असमय ही समा चुके हैं। तबाही के चलते फसल और संपत्तियों समेत कुल 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सूबे में अब भी खतरा टला नहीं है क्योंकि राज्य की लगभग सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

पत्तनमथिट्टा जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं और नौसेना के हेलिकॉप्टर लगातार उड़ानें भरकर अब तक हजारों लोगों को बचा चुके हैं। चीफ मिनिस्टर पिनराई विजयन ने भी ट्वीट कर बाढ़ की विभीषिका के चलते 324 लोगों की मौत की बात कही है। बता दें कि शुक्रवार को देर रात पीएम मोदी केरल पहुंच चुके हैं और शनिवार सुबह वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर सकते हैं।

बाढ़ के चलते सूबे में करीब 2.23 लाख लोग और 50,000 परिवार बेघर हो गए हैं। इन लोगों को 1.568 रिलीफ कैंपों में शिफ्ट किया गया है। दो दिन की भीषण बारिश के बाद शुक्रवार को कुछ राहत दिखी थी। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में सूबे में बारिश कम होने की उम्मीद है। हालांकि कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है। शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम ने 82,000 लोगों को बचाया।

कोस्ट गार्ड्स को 30 बोट्स, 300 लाइफ जैकेट्स, 7 लाइफ राफ्ट्स और 144 पानी में तैरते रहने वाले आइटम्स के साथ भेजा तैनात किया गया है। हालात को संभालने के लिए सेना के 10 कॉलम्स को भी तैनात किया गया है। यही नहीं इनके साथ 10 इंजिनियरिंग टास्क फोर्सेज भी हैं। 60 बोट्स और 100 लाइफ जैकेट्स भी इसमें शामिल हैं।

स्रोत : मीडिया रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *