ट्रांसफर के बाद भी सरकारी मकान में रह सकेंगे रेल कर्मचारी

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नई दिल्ली 02 जनवरी 2017
रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि अगर किसी रेलकर्मी के बच्चे नवीं या 11वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं तो उस हालत में स्थायी ट्रांसफर होने के बावजूद रेलकर्मी अपने रेलवे क्वार्टर को तब तक रख सकेंगे, जब तक बच्चे का शैक्षणिक सत्र पूरा न हो जाए। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर जरूरत हो तो अगले सत्र तक भी रेलकर्मी को अपना मकान रख सकेगा।
सूत्रों का कहना है कि 26 दिसंबर को हुई रेलवे बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। रेलवे सूत्रों का कहना है कि दरअसल, आमतौर पर रेलकर्मियों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता था कि उनके बच्चे नवीं या 11वीं की पढ़ाई कर रहे होते हैं और इसी बीच रेलकर्मी का स्थायी ट्रांसफर दूसरे शहर में हो जाता है। ऐसे में रेलकर्मी के लिए बच्चे को दूसरे शहर ले जाना संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में बच्चे की पढ़ाई को लेकर संकट आ जाता था। इसकी वजह यह भी थी कि नवीं के बाद दसवीं या फिर 11वीं के बाद 12वीं की पढ़ाई करनी होती है।

रेलकर्मियों की इस समस्या को देखते हुए ही रेलवे ने यह फैसला लिया है। अब इस फैसले के तहत अब अगर नवीं या 11वीं की पढ़ाई के बाद दसवीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए भी रेलकर्मी अपने परिवार को उसी सरकारी क्वार्टर में रखना चाहता है तो इसकी इजाजत मिल सकती है।

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