सावधान: छूट के लिए माता-पिता को रेंट देना शो मत करना

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नई दिल्ली 28 जुलाई 2017
यदि आप माता-पिता के साथ रहकर एचआरए की छूट ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। इस बार ऐसा भूल कर भी नहीं करना, नहीं तो आप आयकर विभाग की कार्रवाई की जद में होंगे।
इनकम टैक्स में छूट के लिए नौकरी पेशा माता-पिता को हाउस रेट देना शो करके छूट लते हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10 (13 ए) के तहत किसी भी वेतनभोगी को एचआरए में उसके मूल वेतन का 50 फीसदी, एचआरए के मद में मिलने वाली रकम या चुकाए गए वास्तविक किराये में से मूल वेतन का 10 फीसदी घटाने पर बची रकम में से सबसे कम रकम पर आयकर से छूट मिलती है। इसलिए, बहुत-से नौकरीपेशा अपनी मां या पिता के नाम किराये की रसीदें देकर छूट हासिल कर लेते हैं।

तो माता-पिता को देना होगा टैक्स
आपने माताा-पिता को किराया देना बताया तो माता-पिता को इनकम शो करनी होगी और उसका टैक्स चुकाना होगा। जिस मकान का किराया नौकरीपेशा व्यक्ति अदा करने का दावा कर रहा है, वह उसी के नाम नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति को 50,000 रुपये मूल वेतन के रूप में प्राप्त होते हैं, और 25,000 रुपये एचआरए के मद में, और वह 25,000 रुपये ही वास्तव में किराया देता है, तो उसे 20,000 रुपये पर ही छूट मिल पाएगी, क्योंकि चुकाए गए किराये की रकम में से मूल वेतन का 10 फीसदी घटाने पर यही रकम बचती है. लेकिन अब याद रखने वाली बात यह है कि किराया वसूल करने वाले मां या पिता की आय 20,000 रुपये मासिक बढ़ जाएगी और इस रकम पर उन्हें इनकम टैक्स देना ही होगा.

बैंक जरिये देना होगा किराया
मां या पिता को दिया जाने वाला किराया बैंक के जरिये दिया जाए. अब चाहे यह नेट बैंकिग जरिए दिया जाए या फिर चेक के जरिए लेकिन यह बैंक के जरिए ही हो न कि नकद. आपके पास पैसा दिए जाने का सबूत होना चाहिए.।
नौकरीशुदा व्यक्ति से किराया वसूल करने वाला (मां या पिता) किराये के रूप में हासिल होने वाली उस रकम पर इनकम टैक्स अदा करें यह बेहद जरूरी है.

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