लोकसभा अध्यक्ष ने माना, सिंधिया मामले में हुई गलती

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नई दिल्ली। 27 july 2017

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिख कर भाजपा के दो सांसदों के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करने की बात कही थी। जिस पर आज लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वीकार किया है कि सचिवालय की तरफ से हुई कुछ त्रुटि के कारण यह संदेश गया कि कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सत्ताधारी पार्टी के सदस्य के निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा सचिवालय की गलती के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने अपनी गलती भी स्वीकार की|

सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी सांसद विरेंद्र कुमार तथा मनोहर उटवल ने मध्य प्रदेश में उनके (सिंधिया) के निर्वाचन क्षेत्र में एक अस्पताल का निर्माण के बाद उसके उद्घटन करने का मामला उठाते हुए सिंधिया पर दलित विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का दावा किया था। जिसके बाद मंगलवार को सिंधिया ने इस मामले पर भाजपा पर जमकर निशाना साध था और भाजपा सांसदों को चुनोती देते हुआ कहाथा कि अगर वह इस आरोप को साबित करदें तो वह सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे।

बुधवार को महाजन ने कहा कि सदन के वाद-विवाद प्रतिलेख के संदर्भ से ऐसा प्रतीत होता है कि सिंधिया को निशाना बनाया गया, लेकिन यह एक त्रुटि थी। महाजन ने कहा कि वह सिंधिया, उनकी दादी तथा उनके पिताजी का आदर करती हैं। उन्होंने कहा, “कल, सिंधिया को चोट पहुंची। मैंने उन्हें मुद्दा उठाने की अनुमति दी। वीरेंद्र कुमार भी जवाब देना चाहते थे, लेकिन हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो सका। सुमित्रा महाजन ने कहा, यह हमारे कार्यालय की गलती है। मैंने त्रुटिपूर्ण बहस देखी। मैंने कार्यालय से नाम से संबंधित सभी संदर्भो को हटाने के लिए कहा। वीरेंद्र कुमार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को निर्वाचन क्षेत्र के सांसद के तौर पर इशारा किया था। नाम हटाने के निर्देश का पालन करने के बाद सचिवालय ने बाकी संदर्भो को भी हटा दिया और अब उससे ऐसा लगता है कि सिंधिया पर यह आरोप लगाया गया। अध्यक्ष ने कहा कई जगहों पर उन्होंने कांग्रेस का भी नाम लिया है, जिसे हटा दिया गया है। इसलिए वीरेंद्र कुमार ने उनके (सिंधिया) खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया।

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