बड़ी खबर _बिहार: नीतीश का इस्तीफा, लालू बोले पहले से सेट थे

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बिहार में राजनीतिक संकट गहरा गया है… बुधवार शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा मौजूदा हालातों में नेतृत्व करने में असमर्थ जताई। नीतीश ने कहा कि गठबंधन को पूरा धर्म निभाने की कोशिश की लेकिन अब यह संभव नहीं हो पा रहा है।
नीतीश ने कहा कई तरह की कठिनाइयों को झेलते हुए कल्याण और विकास योजनाओं को चलाया। भ्रष्टाचार के आरोपांे पर लालूजी सेे जो अपेक्षा थी वह पूरी नहीं हुई । भाजपा के साथ सरकार बनाने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि बिहार के हित में जो होगा वह होगा। अभी यह सब सवाल भविष्य के हैं। मैं कोई विवाद पैदा नहीं करना चाहता था इसलिए मैं अभी तक चुप रहा और तेजस्वी को बर्खास्त नहीं करना चाहिए। सबके अपने-अपने रास्ते हैं, अपनी निष्ठाए हैं, मैंने इस्तीफा देने के बाद लालू और कांग्रेस दोनांे को जानकारी दी है।

लालू का बड़ा आरोप
नीतीश के इस्तीफे के बाद लालू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार में सबकुछ पहले से ही सेट था। लालू यादव ने नीतीश पर पलटवार करते हुए कहा- ये कैसी ईमानदारी है, नीतीश पर भी तो हत्या का आरोप है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप से हत्या का आरोप बड़ा है। लालू यादव ने कहा, ‘नीतीश कुमार के खिलाफ मर्डर केस दर्ज है, जिसमें उन्हें उम्र कैद की सजा भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने खुद चुनावी हलफनामे में 302 और 307 की धारा के तहत केस की बात स्वीकारी थी। नीतीश को पता था कि वे बचेंगे नहीं, वह उम्रकैद और फांसी की सजा से डर गए, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया।’

नया फॉर्मूला
आरजेडी की तरफ से गठबंधन सरकार बचाने की कवायद शुरू हो गई है और आरजेडी सुप्रीमो ने एक नया फॉर्मूला रखा है। लालू यादव ने कहा कि महागठबंधन अकेले नीतीश कुमार का फैसला नहीं था। उन्होंने कहा, हम बिहार में राष्ट्रपति शासन नहीं चाहते।आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस मिलकर नया नेता चुने। ना तेजस्वी, ना नीतीश कोई तीसरा राज्य का मुख्यमंत्री बने।

इस्तीफ़े का स्वागत

बिहार के मुख्यमंत्री इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि नीतीश ने राजद के सामने घुटने नहीं टेके। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इस्तीफ़ा दिया है, हम उनके इस्तीफ़े का स्वागत करते हैं। इसके अलावा सुशील मोदी ने ये भी संकेत दिया है कि भाजपा मध्यावधि चुनाव नहीं चाहती है। पांच साल के लिए विधायक जीत कर आए हैं, उन्हें काम करने का मौका मिलना चाहिए। साथ ही सुशील मोदी ने आगे बताया कि भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में तीन लोगों को अधिकृत किया गया है कि वे विधायकों की राय जानकर केंद्रीय नेत्तृत्व को अवगत कराएगी, और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व फ़ैसला लेगा।

बहुत बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले

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