राष्ट्रपति पद के लिए बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद के नाम का एलान

सोमवार को बीजेपी ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के कैंडिडेट के लिए बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद के नाम का एलान किया। जानकारों की मानें तो एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने वाले इलेक्टोरल कॉलेज के 57.85% वोट हैं। लिहाजा कोविंद आसानी से अगले राष्ट्रपति बन जाएंगे। अगर अपोजिशन अपने कैंडिडेट को उतारने का फैसला करता है तो भी कोविंद के राष्ट्रपति बनने में दिक्कत पेश नहीं आएगी।

  • 71 साल के कोविंद दलित नेता हैं। राष्ट्रपति के तौर पर उनका चुनाव तय है। कुछ दलों के समर्थन के साथ एनडीए के पास जीतने के जरूरी आंकड़े से कहीं ज्यादा वोट हैं।
  • एनडीए के पास मौजूदा इलेक्टोरल कॉलेज 5,37,683 है जो कुल वोट का 48.93% है। वहीं, टीआरएस, एआईएडीएमके और वाईएसआर कांग्रेस ने एनडीए को समर्थन देने का एलान कर दिया है।
  • टीआरएस के 1.99%, एआईएडीएमके के 5.39% और वाईएसआर कांग्रेस के 1.53% वोटों की मदद से एनडीए के पास 57.85% वोट हो गए हैं।
  • बीजेडी चीफ और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने एनडीए को सपोर्ट करने का फैसला किया है। बीजेडी के पास 2.99% वोट हैं।
  • वहीं, बीजेपी के पूर्व दलित मोर्चा चीफ का कहना है कि कोविंद कई विपक्षी दलों को स्वीकार्य नहीं होंगे। यूपी की दो रीजनल पार्टियां भी इसमें दिक्कत पैदा कर सकती हैं।
  • सपा और बसपा ने कोविंद को सपोर्ट देने का संकेत दिया है। नीतीश ने भी व्यक्तिगत समर्थन की बात कही है।

राष्ट्रपति पद के लिए कितने वोट जरूरी

  • टोटल MLAs: 4114
  • टोटल MPs: 776
  • MLAs की वोट वैल्यू: 5,49,474
  • MPs की वोट वैल्यू: 5,48,408
  • टोटल वोट वैल्यू: 10,98,882
  • किसी भी दल को अपनी पसंद का प्रेसिडेंट बनाने के लिए 50% यानी 5,49, 442 वोटों की जरूरत है।

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