निठारी कांड: सुरेन्द्र कोली और मनिंदर को फांसी

नई दिल्ली 24 जुलाई 2017
निठारी कांड में युवती का अपहरण कर रेप और मर्डर के मामले में सुरेंद कोली और मनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई गई है। गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने एक युवती की हत्या में पंधेर और सुरेंद्र कोली को शनिवार को रेप और मर्डर दोषी पाया था। निठारी कांड दिसंबर 2006 में राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। निठारी कांड के एक अन्य मामले में पहले भी कोली को फांसी की सजा मिल चुकी है। पंधेर को कोर्ट ने हत्या और रेप की कोशिश समेत सबूत मिटाने और साजिश रचने का दोषी पाया गया।
गौरतलब 12 साल पहले 20 जून, 2005 को आठ साल की एक बच्ची नोएडा के निठारी इलाके से अचानक गायब हो गई थी। इसके बाद से इस इलाके में लगातार बच्चे गायब होने लगे। एक साल तक लगातार बच्‍चों के गायब होने यह सिलसिला चलता रहा और करीब दर्जनभर बच्चे गायब हो गए। मामला राष्ट्रीय स्तर पर आने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
7 मई 2006 को 21 साल की एक और लड़की जब गायब हुई तो पुलिस को अहम सुराग उसके मोबाइल से मिला। पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। उसके बाद जब उसमे से एक नंबर पर कॉल की गई तो उसका नाम मनिंदर सिंह पंधेर का था। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में पंधेर और उसके नौकर कोली को आरोपी बनाया।
फांसी की सजा
निठारी कांड के 6 मामलों में कोर्ट सुरेंद्र कोली को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुना चुकी है। पिछले साल अक्टूबर में कोर्ट ने कोली को एक लड़की के मर्डर केस में किडनैपिंग, रेप और सबूत मिटाने का दोषी पाया था। इससे पहले के भी पांच मामले में सीबीआई कोर्ट ने कोली को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि 2015 में इलाहबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया था।

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