ओडीएफ की सच्चाई का हुआ खुलासा

भोपाल 21 अगस्त 2017
भोपाल के ओडीएफ घोषित होने की सच्चाई उजागर हो गई है… अंत्योदय की राह पर चल भाजपा का संदेश देने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दौरे के आखिरी दिन आदिवासी के घर भोजन भी किया। शाह ने आदिवासी के घर पत्तल-दोने में खाना खाया। शाह ने पंसदीदा बाटी-भर्ता, चावल-कढ़ी और चूरमे का स्वाद लिया। उस घर में शौचालय नहीं था, ऐसा नहीं था शौचालय के लिए आवेदन नहीं किया हो, लेकिन छह माह से फाइल अटकी हुई है। अब राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता कह रहे हैं, जल्द बन जाएगा।
स्वच्छता के मामले में भोपाल भले ही देश में दूसरे नंबर पर हो लेकिन भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह भोजन करने जिस आदिवासी के घर गए थे उसके घर में शौचालय ही नहीं है। पूरा परिवार खुले में जाता है। कहने को तो आदिवासी कमल उईके सालों से भाजपा का कार्यकर्ता है लेकिन उसके घर शौचालय ही नहीं है। कमल की छोटी सी कुटिया में रसोई से लगा एक कमरा है। कुटिया की छत खपरैल की है। घर के सामने नीम का पेड़ है जहां चबूतरा भी बना है। कमल ने घर के पास खाली जगह पर शौचालय निर्माण के जिला प्रशासन को आवेदन दिया है। आवेदन दिए भी छह माह से अधिक समय हो गया लेकिन आज तक कमल को आर्थिक सहायता नहीं मिली। कमल मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। आदिवासी कमल का कहना है कि षौचालय निर्माण के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन दिया है लेकिन अभी मंजूर ही नहीं हुआ। वहीं कमल के नौवीं पढ़ रहे बेटे सूरज का कहना है कि शौच करने खुले में जाता है। सरकार के राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का जब इस ओर ध्यान दिलाया गया तो गुप्ता ने कहा कि शौचालय बन जाएगा। योजना में सभी एक साथ लाभ नहीं मिल सकता।
अमित शाह का भोज
भाजपा का नारा सबका साथ सबका विकास के साथ समाज में सर्वस्पर्शी का संदेश देने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संगठन की बैठक के बाद रविवार को आदिवासी के घर पहंुचे। राजधानी के भदभदा क्षेत्र स्थित, सेवनिया गोंड गांव में शाह आदिवासी कमल उईके के घर पहुंचे। शाह के साथ मुख्यमंत्री शिवराज, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार ने आदिवासी की कुटिया भोजन का लुफ्त उठाया। भोजन में सभी को पत्तल-दोने में बाटी-भर्ता, चावल-कढ़ी और चूरमा परोसा गया। शाह नेे भोजन को स्वादिष्ट बताया। सरकार के राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आदिवासी के घर भोजन कर यह संदेश दिया है कि भाजपा के बड़े नेता भी छोटे कार्यकर्ता के घर जाते हैं और भोजन करते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के घर में भोजन करने से आदिवासी कमल उईके काफी उत्साहित है। मजदूरी करने वाले आदिवासी कमल ने बताया कि वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं और अध्यक्ष द्वारा दलित के घर भोजन करने से वह काफी खुश हैं। कमल की पत्नी और बहन ज्ञानवती का भी यही कहना रहा। भाजपा अध्यक्ष के सेवनिया गोंड आने की खबर से ही पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। गांव भर में भाजपा के झंडे-बैनर लगे हुए थे। भारी सुरक्षा में शाह कमल के घर पहुंचे तो आसपास भारी भीड़ जमा हो गयी और ग्रामीण शाह की एक झलक पाने छतों पर चढ़े रहे।

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