निष्कर्ष पर पहुंची राइजिंग की कार्यशाला

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– प्रतिभागियों ने किया खुद को साबित, अतिथि बोले- कार्यशाला अंत नहीं विराम है

भोपाल। 28 जून 2017 सुमित पांडे
राइजिंग की सात दिनी कार्यशाला का समापन टेस्ट के साथ हुआ। जो सीखा उसे प्रस्तुति देकर प्रतिभागियों ने कार्यशाला के सार्थक निष्कर्ष को रेखांकित किया। समापन अवसर एनएसडी के पूर्व निदेशक देवेन्द्र राज अंकुर ने कहा- रंगमंच पर यदि हम है तो हर वक्त खुद को सीखने की प्रक्रिया में रखना चाहिए। हर दिन जो खुद को तैयार करता है वहीं मंच पर अपने अभिनय के साथ न्याय कर पाता है।
द राइजिंग सोसायटी ऑफ आट्र्स एंड कल्चर ने कार्यशाला का आयोजन किया। जिसका समापन राजधानी के न्यू मार्केट स्थित काली बाड़ी में हुआ। सात दिनों तक अभिनय में कॅरियर तलाश रहे युवक-युवतियों ने अभिनय की बारीकियां जानी। कार्यशाला पूरी तरह से प्रायोगिक थी। समापन अवसर मप्र नाट्य विद्यालय के निदेशक संजय उपाध्याय ने कहा अभिनय में निरंतरता होनी, यह कार्यशाला का समापन है अंत नहीं। सही मायने में तो रंगकर्मी अपने आसपास से किरदार उठाता है और अभिनव को साकार करता है।
कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने मॉनो लॉक प्रस्तुत किए। समापन समारोह शुरुआत बिना किसी औपचारिकता के साथ हुई। इस अवसर पर राइजिंग सोसायटी के प्रीति झा तिवारी, कमलेश दुबे, गीतकार रवि खरे प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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