कार्यसमिति : किसान, नौकरशाही रही बीजेपी की चिंता

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आशा तिवारी
प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक.. मिशन 2018 के डबल सेंचुरी का टारगेट रखकर, मैदान में उतरने का संकल्प लेने वाली रही। किसान आंदोलन के बाद चुनावी खेत में वोटरों की भरपूर पैदावार की चिंता नजर आई। नौकरशाही को लेकर आम गुस्सा शिवराज सिंह चौहान से सुनने को मिला। उग्र किसान आंदोलन के पीछे कांग्रेस के होने को प्रमाणित करने की कोशिश की गई.. अबकी बार मोदी सरकार की तरह एक जुमला भी उभरा-अबकी बार 200 पार।

जनता के बीच जाने का वक्त जाने का वक्त आ रहा है। सरकार और संगठन के माथे पर चिंता साफ नजर आ रही है। विपक्ष के हाथ लगे किसानों के मुद्दे से निपटने की राह पर बीजेपी और शिवराज सरकार ने शुरु कर दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र में जिस तरह कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरना चाह रही थी, अभी तक नाकामयाब रही। 12 घंटे की चर्चा के बाद जब सरकार की बात सुनने को मौका आया तो कांग्रेस रणछोर हो गई।

यह तय है आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लंबे कार्यकाल के बाद सरकार के खिलाफ मतदान की आशंका को खत्म करने का प्रयास संगठन ने अभी से शुरु कर दिया है। पार्टी के कार्यकर्ता नए मतदाताओं तक जाने, किसानों को मनाने और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए मैदान में हैं।
भाजपा कार्यसमिति ने शिवराज के चेहरे के साथ ही चुनाव में उतरने और 200 सीटें हासिल करने लक्ष्य रखा है। पार्टी ने विक्रमी जीत का आव्हान किया है। कार्यसमिति में सभी नेताओं के भाषणों में किसानों के गुस्से को खत्म करने, किसानों का उग्र करने में कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति दिखी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की खातिर अपनी नौकरीशाही को भी चमकाया। सीमांकन और नामांतरण की तारीख तय कर दी, इसके बाद कार्रवाई की चेतावनी भी सीएम ने दी।

बीजेपी की कार्य समिति का अबकी बार 200 पार का जुमला सामने आने पर कांग्रेस ने वार किया, कांग्रेस ने कहा अबकी बार सत्ता से बाहर होगा। भ्रष्टाचार के रावण की नाभि कांग्रेस और मतदाताओं के निशाने पर है।

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