अमित शाह, शरद यादव होंगे मोदी कैबिनेट में नए चेहरे!

 

नीतीश मिश्र

निःसंदेह अमितशाह भाजपा के चाणक्य है। आधुनिक राजनीति में अमितशाह ही एक ऐसे शख्स है जो सत्ता की कुंजी हांसिल करना चाहते है। भाजपा ने शाह की इस क्षमता का उपयोग अब तक संगठन में कर चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब अमित शाह की क्षमता का उपयोग मंत्रिमंडल में करने जा रहें है। इसकी तैयारी भाजपा ने पहले से कर रखी थी। इसी के चलते अमितशाह को राज्यसभा का सदस्य बनाया जा रहा है। आग अगस्त को गुजरात में होने वाले चुनाव में शाह राज्यसभा के उम्मीदवार भी है।

 

सूत्रों की माने तो 15 अगस्त के बाद मोदी अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकते है जिसमें अमितशाह और जनतादल यू के शरद यादव को कबीना मंत्री बनना लगभग तय हो चुका है। राजनैतिक जानकारों का कहना है कि अमित शाह को रक्षा विभाग जैसा मजबूत महकमा से नवाजा जा सकता है तो वही शरद यादव को ग्रामीण शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। गौरतलब है कि अमित शाह अभी गुजरात विधानसभा के सदस्य है। इस बार गुजरात से ही वह राज्यसभा में आ रहें है। जानकारों का कहना है कि इस बीच जिस तरह भारत – चीन का सीमा विवाद बढ़ रहा है उसकों देखते हुए देश को एक सशक्त रक्षा मंत्री की आवश्यकता है। मनोहर पार्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद इस विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी अरूण जेटली निभा रहें है। जेटली पहले से ही वित्त विभाग की अहम जिम्मेदारी निभा रहें है।

गौरतलब है कि जेटली का स्वास्थ्य सही न होने के चलते रक्षा विभाग की तरफ उनका ध्यान कम ही रहता है। इसलिए माना जा रहा है कि रक्षा विभाग मोदी अपने सबसे विश्वसनीय चेहरे वाले व्यक्ति को ही देंगे। वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमितशाह है।वही बिहार में भाजपा और जदयू के साझा प्रयास से बिहार में नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री बने है तो नए मंत्रिमंडल के विस्तार में शरद यादव को भी जगह मिलना लगभग तय हो चुका है। वैकेया नायडू को भाजपा ने उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। नायडू का विभाग शरद यादव को सौंपा जा सकता है। वही दूसरी ओर एक सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर अमितशाह मंत्रिमंडल में शामिल होंगे तो पार्टी की कमान किसके पास होगी। जबकि वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव भी होने वाला है तो ऐसे में समय में नरेन्द्र मोदी अमितशाह को शायद ही मंत्रिमंडल में लेकर आए। लेकिन भाजपा से जुड़े हुए सूत्रों का कहना है कि अमितशाह के बाद पार्टी की कमान राममाधव दवे के पास आ सकती है। क्योंकि राममाधव दवे आरएसएस के सबसे पंसदीदा चेहरा भी है।

 

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