Amarnath yatra : 22 साल बाद सबसे बड़े बर्फानी बाबा के दर्शन

बस में कटी पूरी रात, बारिश का कहर, जज्बे ने सफर किया आसान

संस्मरण

 

अमरनाथ यात्रा यादगार रहीं.. संगीनों का साया… बारिश का कहर.. अनंतनाग में एनकाउंटर के चलते 12 घंटे तक बस मंे कैद रहना। सब कुछ उस वक्त परेशान करने वाला था, लेकिन भरोसा था भोले का। दर्शन हुए वह भी 22 साल बाद सबसे बड़े बर्फानी बाबा के। बम-बम भोले के साथ शुरू हुई यात्रा बम-बम भोले के साथ इस उम्मीद के साथ पूरी हुई बाबा के दरबार से फिर बुलाया आएगा अगले साल।
शिव शक्ति मंडल की टोली के साथ 26 जून को अमरनाथ यात्रा की भोपाल स्टेशन से शुरूआत हुई थी। 27 जून की सुबह संत रविदास मंदिर जम्मू के गुजराती लंगर पहुंची हमारी टोली। बाबा के भक्तों की आवभगत को आतुर लंगर के सेवाधारियों की सेवा को भी नहीं भुला पाऊंगा। रात भर रहने के बाद 28 जून की सुबह पांच बजे पहलगांव के लिए अमरनाथ यात्रा का सफर शुरू हुआ।
संगीनों का साया
बस जा रही थी, दोनों और संगीने लिए सुरक्षा बलों के जवान खड़े थे। शाम पहलगांव पहुंच गए। 29 जून की सुबह चंदवाडी से आगे की यात्रा शुरू हुई,
30 जून को पंचतणी से जैसे ही सफर शुरू हुआ मौसम बहुत खराब था, ऐसा लगा अब भोले तक पहुंचना आसान नहीं होगा। लेकिन, बाबा बर्फानी भक्त जयकारे लगाकर भोले से दर्शन की कामना कर रहे थे। मौसम सुबह 10ः30 बजे साफ हो गया और 11ः30 बजे गुफा में पहुंच गए। 22 साल बाद बर्फानी बाबा के सबसे बड़े शिवलिंग के दर्शन हुए।
एनकाउंटर में फंस गए
एक जुलाई को लौट रहे थे तभी बालटाल में में बस को रोक दिया गया.. बताया गया आतंकवादियों का एनकाउंटर चल रहा है। पहले दोपहर तीन बजे बस को रवाना करने की बात हुई, फिर शाम को पांच बजे पर आंखों ही आंखों मेें रात गुजर गई… दो जुलाई को सुबह 5ः30 बजे बस को आगे बढ़ने दिया गया। शाम सात बजे जहां से सफर शुरू हुआ था वहां बस पहंुच गई। ….भोपाल पहुंची शिव शक्ति मंडल टोली ने भोले से कामना की अगले साल फिर बोला बाबा हमें।
गणेश तिवारी

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