अंर्तकथा : क्यों लिया जितेन्द्र डागा ने नाम वापस

रवि नाथानी
भोपाल। 14 नवंबर 2018
हुजूर से भाजपा के बागी जितेन्द्र डागा के हृदय परिवर्तन की अंर्तकथा मैदान में उतरने से लेकर नाम वापसी तक.. आप बताएं, क्या करूं वाली रही। नामांकन दाखिल करने के बाद से ही भाजपा नेता के संपर्क डागा थे। मंगलवार रात से डागा को बिठाने के प्रयासों में तेजी आई। खबर है कि भाजपा चुनाव समिति के संयोजक नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार रात डागा से बात की। डागा ने नाम वापस लेने के बाद खुद भी माना है कि वह कैलाश विजय वर्गीय, नरेन्द्र सिंह तोमर और सीएम शिवराज सिंह चौहान के संपर्क थे।
बुधवार को नाम वापसी के अंतिम दिन सुबह से पार्टी के बड़े नेताओं के प्रयासों में तेजी आई। सुबह भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा ने डागा हाउस पहुंच कर जितेन्द्र डागा से मुलाकात की। हालांकि रामेश्वर से मुलाकात के बाद बात नहीं बनी। मीडिया से चर्चा करते हुए डागा के तेवरों में तल्खी थी। डागा ने कहा कि समर्थकों को निराश नहीं करूंगा। डागा ने अपने चुनावी वादे भी बताए।
अंतिम समय में नाम वापस लिया
रामेश्वर के जाने के बाद डागा गांधी नगर जनसंपर्क पर निकले। बताया जाता है जनसंपर्क छोड़कर वह सीएम हाउस पहुंचे, जहां उनकी पार्टी नेताओं से चर्चा हुई। करीब पौने तीन बजे डागा कलेक्टोटेरे पहुंचे और नाम वापस ले लिया। डागा ने कहा कि  मेरे जो सवाल थे, उसका जवाब मिल गया है। मैं संतुष्ट हूं.. क्षेत्र में विकास की समस्या नहीं आएगी।
दबाव के लिए भरा था परचा
हालांकि डागा के फैसले के बाद उनके समर्थकों में निराशा है। सियासी जानकारों का कहना है की डागा के नामांकन भरने से लेकर वापसी तक केवल दबाव बना रहा। डागा के नाम वापसी से हुजूर विधानसभा सीट पर मुकाबला त्रिकोणी होने से बच गया। डागा नाम वापसी के बाद भाजपा प्रत्याशी के साथ नजर आए या नहीं।

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