बाबूलाल गौर ने अपने मुख्यमंत्री काल में वंदेमातरम गायन की हर महीने की पहली तारीख को वंदे मातरम गायन की परंपरा शुरू की थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही ये परंपरा टूट गई। वंदे मातरम का गायन नहीं होने पर भाजपा ने जबर्दस्त विरोध किया और इससे कांंग्रेस बैकफुट पर आई और कमलनाथ सरकार ने इसे नए स्वरुप के साथ शुरू करने की बात कही। लेकिन इसी दौरान शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मंत्रालय के सामने उद्यान में सामूहिक वंदे मातरम गाने की घोषणा की। इसी घोषणा के मुताबिक भाजपा के विधायकों ने सामूहिक वंदे मातरम का गायन किया।

वंदेमातरम गायन की परंपरा टूटने पर शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती हैए तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम मैं गाऊंगा।

वंदे मातरम गायन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा नेता मार्च करते हुए विधानसभा नहीं जाएंगे। क्योंकि सरकार ने वंदे मातरम अलग फॉर्म में शुरू किया है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार कोई परंपरा तोड़ेगी तो प्रचंड विरोध किया जाएगा। भाजपा नेता ने गायन के बाद पैदल मार्च  नहीं निकाला। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने परंपरा जारी रखने की मंशा जाहिर कर दी है, इसलिए पैदल मार्च वापस लिया गया है।