पानी पर उबली नगर निगम परिषद

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  • चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने किया हंगामा
  • महापौर बोले- चर्चा नहीं, हंगामा करना है मकसद

भोपाल 11 जून 2018
नगर निगम परिषद की बैठक हंगामाई रही। कांग्रेस ने अंदर-बाहर पानी का मुद‌्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने पेयजल संकट को लेकर अपने साथी पार्षदों के साथ हंगामा किया। परिषद बैठक से पहले कांग्रेसी पार्षदों ने मटके लेकर प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच महापौर आलोक शर्मा ने चर्चा की मांग कर रहे कांग्रेस पार्षदों की नियत पर सवाल उठाया। महापौर ने कहा- हम चर्चा को तैयार है, लेकिन कांग्रेस का मकसद चर्चा नहीं हंगामा करना है।

सोमवार को अंतरराज्यीय बस अड्‌डा स्थित नगर निगम परिषद हॉल में नगर निगम परिषद की बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने आसंदी को घेर लिया और नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह से पानी पर चर्चा की मांग की। नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने कहा कि शहर में पेयजल का संकट है, लेकिन में परिषद की बैठक के अजेंडे में उसका जिक्र तक नहीं है। पानी के मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए। सगीर ने आरोप लगाया कि भीषण पेयजल संकट में भी नगर निगम लोगों को पानी नहीं पिला सका। महापौर को इस जवाब देना चाहिए। परिषद विकास के मुद‌्दों पर चर्चा करने से बचती है। सगीर के साथ अन्य कांग्रेस पार्षदों ने भी जमकर हंगामा किया।

कांग्रेसी पार्षदों के हंगामें के बीच जवाब देने के लिए महापौर आलोक शर्मा खडे़ हुए। उन्होंने कांग्रेस को आडे़ हाथों लेते हुए कहा- मैं कभी भी किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटता। पानी को लेकर भी चर्चा के लिए तैयार हूं, लेकिन कांग्रेस के रवैये से लगता है, चर्चा नहीं हंगामा करना आपका मकसद है। उन्होंने भाजपा पार्षदों को खड़ा कर कहा- हमारा एक-एक पार्षद जहां चाहे पानी के मुद‌्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
बैठक में बारिश से निपटने की निगम की तैयारी का भी मुद‌्दा उठा। महापौर ने कहा इस मामले में अतिक्रमण वाले नाले चिंहित कर लिए हैं। 39 से ज्यादा नालों पर अतिक्रमण है। 900 से अधिक जर्जर भवन चिंहित किए हैं। इस मामले को कलेक्टर-कमिश्नर के सामने उठाया जाएगा। प्रशासन से अतिक्रमण हटाने के लिए सहयोग मांगा जाएगा।

कलेक्टर को ज्ञापन
सौंपा महापौर ने
महापौर-कमिश्नर ने परिषद बैठक के बाद भोपाल कलेक्टर सुदामा खाडे से मुलाकात की। ज्ञापन सौंपकर निगम को जिला प्रशासन का सहयोग मांगा। महापौर आलोक शर्मा ने मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाते समय तकनीकी रूप से बाधाएं सामने आती हैं, पुलिस बल की उपलब्धता की समस्या भी बनी रहती हैं। जर्जर मकानों को गिराने के बारीकियां सामने रखने वाले अधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चत करने की मांग की गई है।

 

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