लोकायुक्त पहुंचा कम्पलीशन सर्टिफिकेट मामला

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भोपाल। 15 फरवरी 2018
बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट मामले में भले ही शासन ने निगम परिषद की अनुशंसा के बाद अधिकारियों को वापस कर दिया हो, लेकिन अधिकारियों की मुश्किल कम होते दिखाई नहीं दे रही है। कम्पलीशन सर्टिफिकेट फर्जीवाडे की शिकायत लोकायुक्त और सीबीआई पहुंच गई है। शिकायत में कहा गया है कि अधिकारियों ने बिल्डिर्स के साथ मिलकर भारी भ्रष्टाचार कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए है, इसलिए संबंधित अधिकारी कर्मचारियो और बिल्डर्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराई जाए।
बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट मामले में भले ही आरोपों में घिरे अधिकारियों को राज्य शासन से राहत मिल गई हो, लेकिन उनकी मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं। दरअसल नगर निगम परिषद के संकल्प को राज्य शासन ने खारिज करते हुए आरोपों में घिरी अपर कमिश्नर मलिका निगम नागर, वीके चतुर्वेदी और कार्यपालन यंत्री जीएस सलूजा को वापस नगर निगम भेज दिया था… राज्य शासन के आदेश के बाद आरोपी अधिकारियों ने नगर निगम में ज्वाइन भी कर लिया। लेकिन न मामला ठंडा होते दिखाई दे रहा है और न ही अधिकारियों की मुश्किलें कम हो रही हैं। बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट मामले की शिकायत लोकायुक्त और सीबीआई पहुंच गई है। कटारा निवासी पंकज अग्निहोत्री ने लोकायुक्त और सीबीआई में शिकायत की है।
क्या-कहा गया शिकायत में
शिकायत में कहा गया है कि कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र में भारी भ्रष्टाचार करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं। शिकायत में जांच प्रतिवेदन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाए गए हैं कि जांच प्रतिवेदन मिलजुलकर और संबंधित को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है, इसलिए अधिकारी, कर्मचारियों और बिल्डर पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। गौरतलब है कि बिल्डिंग कम्पलीशन सर्टिफिकेट मामले के लिए गठित जांच कमेठी ने अपर आयुक्त मलिका निगम नागर, वीके चतुर्वेदी, नगर निवेशक जीएस सलूजा, उपयंत्री बीएस त्रिपाठी, प्रभारी सहायक यंत्री संजय तिवारी और सहायक यंत्री एके साहनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

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