संस्कार आधारित उच्च शिक्षा पर दें ध्यान

share...Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री

भोपाल :  दिसम्बर 12, 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार रखते हुए आवश्यकतानुसार उनका विस्तार करने की परिस्थितियां बनाई जाएंगी। श्री चौहान आज यहां राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में देश के मध्य क्षेत्र के सात विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान और कौशल देने के अलावा नागरिकता की शिक्षा देने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने और संस्कारित होने में अंतर है। संस्कार के बिना प्रतिभा का दुरुपयोग भी हो सकता है। उन्होंने आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद की चर्चा करते हुए कहा कि संस्कारों की शिक्षा देने के तरीकों पर भी विचार करने की आवश्यकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय रहे हैं जो पूरे विश्व में विख्यात थे। आज सोचना पड़ेगा कि भारत के विश्वविद्यालय दुनिया के सौ शीर्ष विश्वविद्यालयों में कैसे शामिल हों। उन्होंने कहा कि संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ यह संभव है। समाज और सरकार दोनों को साथ-साथ प्रयास करना होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्वायत्तता की दिशा में ठोस प्रयास करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गंभीरता से विचार कर रहे है। 

श्री चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा रोज़गार देने वाली होना चाहिए। युवा सशक्तिकरण मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने के प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय संस्थानों में होने पर उनकी पढ़ाई का खर्चा सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की कमी नही है लेकिन अवसरों के अभाव में उनका पलायन होता है। इस स्थिति को रोकना होगा। 

श्री चौहान ने दोहरी शिक्षा प्रणाली को घातक बताते हुए कहा कि सबको शिक्षा के सामान अवसर मिलने चाहिए, कुलपतियों की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। आज सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अच्छे अंको से पास हो रहे हैं। 

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों को सामाजिक सरोकारों से भी संपर्क रखने की आवश्यकता है। उद्योग क्षेत्र से भी निरन्तर संपर्क जरूरी है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष प्रो. पी.बी. शर्मा, जनरल सेक्रेटरी श्री कमर और विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ शिक्षाविद् अधिकारी उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी न्यूज़ के विशेष संस्करण और ‘आरजीपीवी न्यूज़’ लेटर का विमोचन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *