संजू : नहीं होना चाहिए अपराधी का महिमामंडन

भाेपाल 05 जृुलाई 2018

केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने फिल्म अभिनेता संजय दत्त की बायोपिक फिल्म ‘संजू” को लेकर टिप्पणी की है। मुंबई पुलिस कमिश्नर रहे सत्यपाल सिंह ने कहा कि किसी भी अपराधी का महिमा मंडन नहीं होना चाहिए। चाहे वह कोई भी हो। प्रदेश भाजपा कार्यालय में मोदी सरकार के कामों को गिनाने आए सिंह ने शिक्षा के राजनीतिकरण, एनसीआरटी की किताब में भाजपा के अध्याय, राम मंदिर और कई सवालों के जवाब भी  दिए।

संस्कारों पर ध्यान देना जरूरी

सत्यपाल सिंह ने दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में गुड टच व बैड टच के बारे में बताए जाने के सवाल पर कहा कि यह संस्कारों की बात है। यदि हम संस्कारों पर ध्यान देंगे तो दुष्कर्म जैसी विकृति नहीं आएगी। किसी तरह के गुड टच-बैड टच सिखाने की जरूरत नहीं है।

बदला जाएगा अध्याय

उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी के 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताब में भाजपा और नरेंद्र मोदी से जुड़ा पाठ जल्द ही हटाया जाएगा। हम अपनी गलती मान रहे हैं। कल ही मुझे एनसीईआरटी के डायरेक्टर ने बताया है कि 2004 के बाद किताबों में कुछ नहीं बदला।  उन्होंने कहा कि शिक्षा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

निराकार में विश्वास है

संत आसाराम की फोटो टेबल पर रखने के सवाल पर सत्यपाल सिंह ने कहा कि मैं किसी भगवान या बाबा की फोटो अपनी टेबल के पास नहीं रखता। मैं निराकार भगवान में विश्वास करता हूं। जब उनसे पूछा गया कि क्या राम मंदिर को लेकर भाजपा के रुख को वे गलत मानते हैं तो उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत मामला है।

 रस्तोगी का अपना मत 

आईएएस अफसर दीपाली रस्तोगी के नेताओं और अफसरों पर लिखे गए आर्टिकल पर जब उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मत है। इससे मेरा कोई सरोकार नहीं।

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