जूडा हड़ताल : अस्पतालों की सेहत हुई खबर

सरकार ने लगाया एस्मा, तीन में सामूहिक अवकाश नहीं

भोपाल. 23 जुलाई 2018

स्टायपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। राजधानी भोपाल में मांग के समर्थन ने जूडा ने नारेबाजी की और मांग पूरी होने तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी, हालांकि सरकार ने एस्मा लगा दिया है। जूडा और पैरामेडिकल स्टॉफ की छुट‌्टी पर रोक लगा दी है।

राज्य शासन ने जूनियर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है।इसके साथ ही शासन ने इन सभी के अवकाश पर 3 महीने तक अवकाश लेने पर रोक लगा दी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी नोटिफिकेशन में कहा कि विभाग के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वशासी समितियों के तहत कार्यरत समस्त संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के काम नहीं करने और सामूहिक अवकाश लिए जाने पर रोक लगा दी गई है।

शासन ने जूनियर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से जुड़ी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 की उपधारा 01 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए इन सेवाओं को अत्यावश्यक की श्रेणी में रखा है। साथ ही निर्देश दिए कि अब इस संवर्ग में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी ना तो काम करने से इंकार कर सकते हैं और ना ही सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं। शासन ने आगामी 3 महीनों के लिए ये व्यवस्था लागू की है।

राजधानी के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में सोमवार सुबह जूडा ने स्टायपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। जूडा की हड़ताल के चलते हमीदिया अस्पताल और सुल्तानिया अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पताल में ऑपरेशन टालना पड़े है।

  • बीडीसी न्यूज संवाददाता

 

 

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